अर्थ

माँ दुर्गा को नमस्कार।

ॐ दुं दुर्गायै नमः: शब्दार्थ
शब्दअर्थ
दुंदुर्गा का बीज अक्षर
दुर्गायैमाँ दुर्गा को

उच्चारण

Om Dum Durgayai Namah

  • "दुं" को "दुम्", छोटे "उ" के साथ।
  • "दुर्गायै" में "गा" लंबा: दुर्-गा-यै।

भाव और महत्त्व

माँ दुर्गा से रक्षा और निर्भयता की प्रार्थना।

स्रोत
तंत्र परंपरा में "दुं" को दुर्गा का बीज माना जाता है।
कब जपा जाता है
नवरात्रि, मासिक दुर्गाष्टमी, और मंगलवार व शुक्रवार को।
देवता
माँ दुर्गा
प्रकार
बीज मंत्र: जिस मंत्र में देवता का बीज अक्षर (जैसे गं, श्रीं, ऐं) हो। कई परंपराओं में बीज मंत्र गुरु से लेकर जपे जाते हैं।

जाप कैसे करें

एक जगह सीधे बैठें, मंत्र का अर्थ मन में रखें और उसे साफ़, एक-सी गति से दोहराएँ। एक बार पूरा मंत्र बोलने में लगभग 6 सेकंड लगते हैं, इसलिए 108 बार लगभग 10 मिनट का अभ्यास है।

पूरी विधि मंत्र जाप कैसे करें में है।

ॐ दुं दुर्गायै नमः का जाप करें

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ॐ दुं दुर्गायै नमः का अर्थ क्या है?

माँ दुर्गा को नमस्कार।

ॐ दुं दुर्गायै नमः किसका मंत्र है?

ॐ दुं दुर्गायै नमः माँ दुर्गा का बीज मंत्र है। माँ दुर्गा से रक्षा और निर्भयता की प्रार्थना।

ॐ दुं दुर्गायै नमः कहाँ से लिया गया है?

तंत्र परंपरा में "दुं" को दुर्गा का बीज माना जाता है।

ॐ दुं दुर्गायै नमः का जाप कब करें?

नवरात्रि, मासिक दुर्गाष्टमी, और मंगलवार व शुक्रवार को।

ॐ दुं दुर्गायै नमः का जाप कितनी बार करें?

एक माला यानी 108 बार सबसे प्रचलित है, जिसमें लगभग 10 मिनट लगते हैं। शुरुआत 21 या 51 बार से कर सकते हैं (लगभग 2 मिनट या लगभग 5 मिनट), और विशेष दिन पर 1008 बार।

क्या बीज मंत्र बिना गुरु के जप सकते हैं?

कई परंपराओं में बीज मंत्र गुरु से दीक्षा लेकर जपे जाते हैं, जबकि भक्ति परंपरा में नाम-जाप और नमन के मंत्र सबके लिए खुले माने जाते हैं। अपनी परंपरा या गुरु की सलाह मानें।

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