
माँ दुर्गा · गायत्री मंत्र
दुर्गा गायत्री मंत्र
ॐ कात्यायन्यै विद्महे कन्याकुमार्यै धीमहि तन्नो दुर्गिः प्रचोदयात्॥
Om Katyayanyai Vidmahe Kanyakumaryai Dhimahi Tanno Durgih Prachodayat

माँ दुर्गा · गायत्री मंत्र
ॐ कात्यायन्यै विद्महे कन्याकुमार्यै धीमहि तन्नो दुर्गिः प्रचोदयात्॥
Om Katyayanyai Vidmahe Kanyakumaryai Dhimahi Tanno Durgih Prachodayat
हम कात्यायनी को जानते हैं, कन्याकुमारी का ध्यान करते हैं; वे दुर्गा हमें प्रेरणा दें।
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| कात्यायन्यै | कात्यायनी को |
| कन्याकुमार्यै | कुमारी देवी को |
| दुर्गिः | माँ दुर्गा |
| विद्महे | हम जानते हैं, मानते हैं |
| धीमहि | हम ध्यान करते हैं |
| तन्नो ... प्रचोदयात् | वे हमें प्रेरित करें, सही राह दिखाएँ |
Om Katyayanyai Vidmahe Kanyakumaryai Dhimahi Tanno Durgih Prachodayat
माँ दुर्गा के रूप का ध्यान; रक्षा और भीतर की शक्ति की प्रार्थना।
एक जगह सीधे बैठें, मंत्र का अर्थ मन में रखें और उसे साफ़, एक-सी गति से दोहराएँ। एक बार पूरा मंत्र बोलने में लगभग 19 सेकंड लगते हैं, इसलिए 108 बार लगभग 34 मिनट का अभ्यास है।
पूरी विधि मंत्र जाप कैसे करें में है।
माँ दुर्गा · बीज मंत्र
ॐ दुं दुर्गायै नमः
सूर्य देव · गायत्री मंत्र
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्
श्री गणेश · गायत्री मंत्र
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्ती प्रचोदयात्
विष्णु · गायत्री मंत्र
ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्
हम कात्यायनी को जानते हैं, कन्याकुमारी का ध्यान करते हैं; वे दुर्गा हमें प्रेरणा दें।
दुर्गा गायत्री मंत्र माँ दुर्गा का गायत्री मंत्र है। माँ दुर्गा के रूप का ध्यान; रक्षा और भीतर की शक्ति की प्रार्थना।
महानारायण उपनिषद में इसका एक रूप "कात्यायनाय विद्महे कन्यकुमारि धीमहि। तन्नो दुर्गिः प्रचोदयात्॥" मिलता है; यहाँ लोक में प्रचलित पाठ दिया गया है।
नवरात्रि और दुर्गाष्टमी पर।
एक माला यानी 108 बार सबसे प्रचलित है, जिसमें लगभग 34 मिनट लगते हैं। शुरुआत 21 या 51 बार से कर सकते हैं (लगभग 7 मिनट या लगभग 16 मिनट), और विशेष दिन पर 1008 बार।
टैप से या वॉल्यूम बटन से गिनती, 108 मनकों की माला, रोज़ का लक्ष्य और आपकी साधना की प्रगति।