तीज और गौरी व्रत298 दिन बाद
हरियाली तीज 2027
श्रावण शुक्ल तृतीया
- तिथि शुरू
- 4 अगस्त, 8:19 AM
- तिथि समाप्त
- 5 अगस्त, 5:08 AM
- आराध्य
- माता पार्वती और भगवान शिव
हरियाली तीज 4 अगस्त 2027, बुधवार को है। यह श्रावण शुक्ल तृतीया को आता है। तिथि 4 अगस्त, 8:19 AM से 5 अगस्त, 5:08 AM तक रहेगी।
तीज और गौरी व्रत298 दिन बाद
श्रावण शुक्ल तृतीया
हरियाली तीज सावन के शुक्ल पक्ष की तृतीया को आती है, जब बारिश से चारों ओर हरियाली होती है। यह शिव और पार्वती के मिलन का पर्व माना जाता है।
सुहागिन महिलाएँ पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं, हरे कपड़े और चूड़ियाँ पहनती हैं, मेहंदी लगाती हैं और झूला झूलती हैं। यह साल की तीन तीजों में पहली है; इसके बाद कजरी तीज और हरतालिका तीज आती हैं।
व्रत की विधि और नियम परंपरा और परिवार के अनुसार अलग होते हैं; यहाँ सबसे प्रचलित रूप बताया गया है।
| तारीख़ | साल | तिथि शुरू | तिथि समाप्त |
|---|---|---|---|
| 27जुलाईरविवार | हरियाली तीज 2025 | 26 जुलाई, 10:42 PM | 27 जुलाई, 10:42 PM |
| 15अगस्तशनिवार | हरियाली तीज 2026 | 14 अगस्त, 6:46 PM | 15 अगस्त, 5:28 PM |
| 4अगस्तबुधवार | हरियाली तीज 2027 | 4 अगस्त, 8:19 AM | 5 अगस्त, 5:08 AM |
| 24जुलाईसोमवार | हरियाली तीज 2028 | 24 जुलाई, 2:09 AM | 24 जुलाई, 10:52 PM |
| 12अगस्तरविवार | हरियाली तीज 2029 | 12 अगस्त, 2:38 AM | 12 अगस्त, 11:54 PM |
| 2अगस्तशुक्रवार | हरियाली तीज 2030 | 1 अगस्त, 5:01 PM | 2 अगस्त, 4:31 PM |
| 22जुलाईमंगलवार | हरियाली तीज 2031 | 21 जुलाई, 11:34 PM | 23 जुलाई, 1:22 AM |
| 9अगस्तसोमवार | हरियाली तीज 2032 | 8 अगस्त, 3:31 PM | 9 अगस्त, 6:00 PM |
सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।
हरियाली तीज 4 अगस्त 2027, बुधवार को है। श्रावण शुक्ल तृतीया तिथि 4 अगस्त, 8:19 AM से 5 अगस्त, 5:08 AM तक रहेगी।
हरियाली तीज श्रावण शुक्ल तृतीया को आता है।
हरियाली तीज माता पार्वती और भगवान शिव से जुड़ा है। यह राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, बिहार में प्रचलित है।
हरियाली तीज 2028 में 24 जुलाई 2028, सोमवार को है।
आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।
तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।