तीज और गौरी व्रत314 दिन बाद
कजरी तीज 2027
भाद्रपद कृष्ण तृतीया
- तिथि शुरू
- 19 अगस्त, 5:16 PM
- तिथि समाप्त
- 20 अगस्त, 6:54 PM
- आराध्य
- माता पार्वती; नीमड़ी माता
कजरी तीज 20 अगस्त 2027, शुक्रवार को है। यह भाद्रपद कृष्ण तृतीया को आता है (अमांत गणना में श्रावण कृष्ण तृतीया)। तिथि 19 अगस्त, 5:16 PM से 20 अगस्त, 6:54 PM तक रहेगी।
तीज और गौरी व्रत314 दिन बाद
भाद्रपद कृष्ण तृतीया
कजरी तीज भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की तृतीया को आती है, यानी रक्षा बंधन के तीन दिन बाद। अमांत गणना में यही तिथि श्रावण कृष्ण तृतीया कहलाती है।
सुहागिन महिलाएँ पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। राजस्थान में इस दिन नीमड़ी माता की पूजा होती है और सत्तू से बने पकवान बनते हैं, इसलिए इसे सातुड़ी तीज कहते हैं।
व्रत की विधि और नियम परंपरा और परिवार के अनुसार अलग होते हैं; यहाँ सबसे प्रचलित रूप बताया गया है।
| तारीख़ | साल | तिथि शुरू | तिथि समाप्त |
|---|---|---|---|
| 12अगस्तमंगलवार | कजरी तीज 2025 | 11 अगस्त, 10:33 AM | 12 अगस्त, 8:41 AM |
| 31अगस्तसोमवार | कजरी तीज 2026 | 30 अगस्त, 9:37 AM | 31 अगस्त, 8:51 AM |
| 20अगस्तशुक्रवार | कजरी तीज 2027 | 19 अगस्त, 5:16 PM | 20 अगस्त, 6:54 PM |
| 8अगस्तमंगलवार | कजरी तीज 2028 | 7 अगस्त, 6:03 PM | 8 अगस्त, 8:29 PM |
| 27अगस्तसोमवार | कजरी तीज 2029 | 26 अगस्त, 9:44 AM | 27 अगस्त, 11:35 AM |
| 16अगस्तशुक्रवार | कजरी तीज 2030 | 15 अगस्त, 1:15 PM | 16 अगस्त, 12:41 PM |
| 5अगस्तमंगलवार | कजरी तीज 2031 | 5 अगस्त, 12:13 AM | 5 अगस्त, 9:20 PM |
| 23अगस्तसोमवार | कजरी तीज 2032 | 22 अगस्त, 11:38 PM | 23 अगस्त, 8:16 PM |
सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।
कजरी तीज 20 अगस्त 2027, शुक्रवार को है। भाद्रपद कृष्ण तृतीया तिथि 19 अगस्त, 5:16 PM से 20 अगस्त, 6:54 PM तक रहेगी।
कजरी तीज भाद्रपद कृष्ण तृतीया को आता है। जहाँ महीना अमावस्या पर पूरा होता है (अमांत गणना), वहाँ यही तिथि श्रावण कृष्ण तृतीया कहलाती है।
कजरी तीज माता पार्वती; नीमड़ी माता से जुड़ा है। यह राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार में प्रचलित है।
कजरी तीज 2028 में 8 अगस्त 2028, मंगलवार को है।
आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।
तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।