
ॐ शरवणभवाय नमः
Om Sharavanabhavaya Namah

ॐ शरवणभवाय नमः
Om Sharavanabhavaya Namah
सरकंडों के वन (शरवण) में प्रकट हुए भगवान कार्तिकेय को नमस्कार।
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| शरवणभवाय | शरवण (सरकंडों के वन) में प्रकट हुए को |
Om Sharavanabhavaya Namah
भगवान कार्तिकेय (मुरुगन, स्कंद) को नमन; साहस और भीतर के शत्रुओं पर विजय की प्रार्थना।
एक जगह सीधे बैठें, मंत्र का अर्थ मन में रखें और उसे साफ़, एक-सी गति से दोहराएँ। एक बार पूरा मंत्र बोलने में लगभग 6 सेकंड लगते हैं, इसलिए 108 बार लगभग 11 मिनट का अभ्यास है।
पूरी विधि मंत्र जाप कैसे करें में है।
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सरकंडों के वन (शरवण) में प्रकट हुए भगवान कार्तिकेय को नमस्कार।
ॐ शरवणभवाय नमः कार्तिकेय का मंत्र है। भगवान कार्तिकेय (मुरुगन, स्कंद) को नमन; साहस और भीतर के शत्रुओं पर विजय की प्रार्थना।
स्कंद के जन्म की कथा में वे शरवण में प्रकट हुए; मुरुगन उपासना में "शरवणभव" के छह अक्षरों को षडाक्षर मंत्र कहा जाता है।
स्कंद षष्ठी, कार्तिगई और मंगलवार को, ख़ासकर तमिल परंपरा में।
एक माला यानी 108 बार सबसे प्रचलित है, जिसमें लगभग 11 मिनट लगते हैं। शुरुआत 21 या 51 बार से कर सकते हैं (लगभग 2 मिनट या लगभग 5 मिनट), और विशेष दिन पर 1008 बार।
टैप से या वॉल्यूम बटन से गिनती, 108 मनकों की माला, रोज़ का लक्ष्य और आपकी साधना की प्रगति।