
राधा रानी · गायत्री मंत्र
राधा गायत्री मंत्र
ॐ वृषभानुजायै विद्महे कृष्णप्रियायै धीमहि तन्नो राधा प्रचोदयात्॥
Om Vrishabhanujayai Vidmahe Krishnapriyayai Dhimahi Tanno Radha Prachodayat

राधा रानी · गायत्री मंत्र
ॐ वृषभानुजायै विद्महे कृष्णप्रियायै धीमहि तन्नो राधा प्रचोदयात्॥
Om Vrishabhanujayai Vidmahe Krishnapriyayai Dhimahi Tanno Radha Prachodayat
हम वृषभानु की पुत्री को जानते हैं, कृष्ण-प्रिया का ध्यान करते हैं; वे राधा हमें प्रेरणा दें।
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| वृषभानुजायै | वृषभानु की पुत्री को |
| कृष्णप्रियायै | श्री कृष्ण की प्रिया को |
| राधा | श्री राधा |
| विद्महे | हम जानते हैं, मानते हैं |
| धीमहि | हम ध्यान करते हैं |
| तन्नो ... प्रचोदयात् | वे हमें प्रेरित करें, सही राह दिखाएँ |
Om Vrishabhanujayai Vidmahe Krishnapriyayai Dhimahi Tanno Radha Prachodayat
श्री राधा के रूप का ध्यान; निःस्वार्थ प्रेम की प्रार्थना।
एक जगह सीधे बैठें, मंत्र का अर्थ मन में रखें और उसे साफ़, एक-सी गति से दोहराएँ। एक बार पूरा मंत्र बोलने में लगभग 19 सेकंड लगते हैं, इसलिए 108 बार लगभग 35 मिनट का अभ्यास है।
पूरी विधि मंत्र जाप कैसे करें में है।
राधा रानी · नाम जाप
राधे राधे
सूर्य देव · गायत्री मंत्र
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्
श्री गणेश · गायत्री मंत्र
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्ती प्रचोदयात्
विष्णु · गायत्री मंत्र
ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्
हम वृषभानु की पुत्री को जानते हैं, कृष्ण-प्रिया का ध्यान करते हैं; वे राधा हमें प्रेरणा दें।
राधा गायत्री मंत्र राधा रानी का गायत्री मंत्र है। श्री राधा के रूप का ध्यान; निःस्वार्थ प्रेम की प्रार्थना।
यह भक्तों में प्रचलित मंत्र है; यहाँ इसका कोई ग्रंथ-स्रोत नहीं दिया गया है।
राधा अष्टमी पर।
एक माला यानी 108 बार सबसे प्रचलित है, जिसमें लगभग 35 मिनट लगते हैं। शुरुआत 21 या 51 बार से कर सकते हैं (लगभग 7 मिनट या लगभग 17 मिनट), और विशेष दिन पर 1008 बार।
टैप से या वॉल्यूम बटन से गिनती, 108 मनकों की माला, रोज़ का लक्ष्य और आपकी साधना की प्रगति।