अन्य प्रमुख व्रत329 दिन बाद
ऋषि पंचमी 2027
भाद्रपद शुक्ल पंचमी
- तिथि शुरू
- 4 सितंबर, 12:25 PM
- तिथि समाप्त
- 5 सितंबर, 11:17 AM
- आराध्य
- सप्तऋषि
ऋषि पंचमी 4 सितंबर 2027, शनिवार को है। यह भाद्रपद शुक्ल पंचमी को आता है। तिथि 4 सितंबर, 12:25 PM से 5 सितंबर, 11:17 AM तक रहेगी।
अन्य प्रमुख व्रत329 दिन बाद
भाद्रपद शुक्ल पंचमी
ऋषि पंचमी भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की पंचमी को आती है, गणेश चतुर्थी के अगले दिन। इस दिन सात ऋषियों, यानी कश्यप, अत्रि, भारद्वाज, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और वशिष्ठ, की पूजा होती है।
यह व्रत ज़्यादातर महिलाएँ रखती हैं। माहेश्वरी और कुछ दूसरे समाजों में इसी दिन राखी बाँधी जाती है।
व्रत की विधि और नियम परंपरा और परिवार के अनुसार अलग होते हैं; यहाँ सबसे प्रचलित रूप बताया गया है।
| तारीख़ | साल | तिथि शुरू | तिथि समाप्त |
|---|---|---|---|
| 28अगस्तगुरुवार | ऋषि पंचमी 2025 | 27 अगस्त, 3:44 PM | 28 अगस्त, 5:57 PM |
| 15सितंबरमंगलवार | ऋषि पंचमी 2026 | 15 सितंबर, 7:44 AM | 16 सितंबर, 8:59 AM |
| 4सितंबरशनिवार | ऋषि पंचमी 2027 | 4 सितंबर, 12:25 PM | 5 सितंबर, 11:17 AM |
| 24अगस्तगुरुवार | ऋषि पंचमी 2028 | 24 अगस्त, 1:55 AM | 24 अगस्त, 11:09 PM |
| 12सितंबरबुधवार | ऋषि पंचमी 2029 | 12 सितंबर, 2:57 AM | 13 सितंबर, 12:05 AM |
| 2सितंबरसोमवार | ऋषि पंचमी 2030 | 1 सितंबर, 10:38 PM | 2 सितंबर, 8:37 PM |
| 21सितंबररविवार | ऋषि पंचमी 2031 | 20 सितंबर, 11:49 PM | 21 सितंबर, 10:49 PM |
| 9सितंबरगुरुवार | ऋषि पंचमी 2032 | 9 सितंबर, 10:51 AM | 10 सितंबर, 12:03 PM |
सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।
ऋषि पंचमी 4 सितंबर 2027, शनिवार को है। भाद्रपद शुक्ल पंचमी तिथि 4 सितंबर, 12:25 PM से 5 सितंबर, 11:17 AM तक रहेगी।
ऋषि पंचमी भाद्रपद शुक्ल पंचमी को आता है।
ऋषि पंचमी सप्तऋषि से जुड़ा है।
ऋषि पंचमी 2028 में 24 अगस्त 2028, गुरुवार को है।
आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।
तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।