अन्य प्रमुख व्रत39 दिन बाद
आँवला नवमी (अक्षय नवमी) 2026
कार्तिक शुक्ल नवमी
- तिथि शुरू
- 18 नवंबर, 6:05 AM
- तिथि समाप्त
- 19 नवंबर, 7:06 AM
- आराध्य
- भगवान विष्णु; आँवले का पेड़
आँवला नवमी (अक्षय नवमी) 18 नवंबर 2026, बुधवार को है। यह कार्तिक शुक्ल नवमी को आता है। तिथि 18 नवंबर, 6:05 AM से 19 नवंबर, 7:06 AM तक रहेगी।
अन्य प्रमुख व्रत39 दिन बाद
कार्तिक शुक्ल नवमी
आँवला नवमी कार्तिक के शुक्ल पक्ष की नवमी को आती है, देवउठनी एकादशी से दो दिन पहले। इस दिन आँवले के पेड़ की पूजा की जाती है और उसके नीचे बैठकर भोजन करने की परंपरा है।
इसे अक्षय नवमी भी कहते हैं: मान्यता है कि इस दिन किया गया दान अक्षय तृतीया की तरह कभी कम नहीं होता।
व्रत की विधि और नियम परंपरा और परिवार के अनुसार अलग होते हैं; यहाँ सबसे प्रचलित रूप बताया गया है।
| तारीख़ | साल | तिथि शुरू | तिथि समाप्त |
|---|---|---|---|
| 31अक्टूबरशुक्रवार | आँवला नवमी (अक्षय नवमी) 2025 | 30 अक्टूबर, 10:06 AM | 31 अक्टूबर, 10:04 AM |
| 18नवंबरबुधवार | आँवला नवमी (अक्षय नवमी) 2026 | 18 नवंबर, 6:05 AM | 19 नवंबर, 7:06 AM |
| 7नवंबररविवार | आँवला नवमी (अक्षय नवमी) 2027 | 7 नवंबर, 2:50 AM | 8 नवंबर, 5:24 AM |
| 26अक्टूबरगुरुवार | आँवला नवमी (अक्षय नवमी) 2028 | 25 अक्टूबर, 11:14 PM | 27 अक्टूबर, 1:20 AM |
| 14नवंबरबुधवार | आँवला नवमी (अक्षय नवमी) 2029 | 13 नवंबर, 6:26 PM | 14 नवंबर, 7:36 PM |
| 3नवंबररविवार | आँवला नवमी (अक्षय नवमी) 2030 | 3 नवंबर, 4:48 AM | 4 नवंबर, 3:55 AM |
| 22नवंबरशनिवार | आँवला नवमी (अक्षय नवमी) 2031 | 22 नवंबर, 7:19 AM | 23 नवंबर, 5:44 AM |
| 11नवंबरगुरुवार | आँवला नवमी (अक्षय नवमी) 2032 | 11 नवंबर, 4:01 AM | 12 नवंबर, 1:48 AM |
सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।
आँवला नवमी (अक्षय नवमी) 18 नवंबर 2026, बुधवार को है। कार्तिक शुक्ल नवमी तिथि 18 नवंबर, 6:05 AM से 19 नवंबर, 7:06 AM तक रहेगी।
आँवला नवमी (अक्षय नवमी) कार्तिक शुक्ल नवमी को आता है।
आँवला नवमी (अक्षय नवमी) भगवान विष्णु; आँवले का पेड़ से जुड़ा है।
आँवला नवमी (अक्षय नवमी) 2027 में 7 नवंबर 2027, रविवार को है।
आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।
तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।