अन्य प्रमुख व्रत245 दिन बाद
महेश नवमी 2027
ज्येष्ठ शुक्ल नवमी
- तिथि शुरू
- 12 जून, 3:45 AM
- तिथि समाप्त
- 13 जून, 2:44 AM
- आराध्य
- भगवान शिव (महेश) और माता पार्वती
महेश नवमी 12 जून 2027, शनिवार को है। यह ज्येष्ठ शुक्ल नवमी को आता है। तिथि 12 जून, 3:45 AM से 13 जून, 2:44 AM तक रहेगी।
अन्य प्रमुख व्रत245 दिन बाद
ज्येष्ठ शुक्ल नवमी
महेश नवमी ज्येष्ठ के शुक्ल पक्ष की नवमी को आती है। महेश भगवान शिव का नाम है।
माहेश्वरी समाज इस दिन को अपनी उत्पत्ति का दिन मानता है और इसे अपने सबसे बड़े पर्व के रूप में मनाता है।
व्रत की विधि और नियम परंपरा और परिवार के अनुसार अलग होते हैं; यहाँ सबसे प्रचलित रूप बताया गया है।
| तारीख़ | साल | तिथि शुरू | तिथि समाप्त |
|---|---|---|---|
| 4जूनबुधवार | महेश नवमी 2025 | 3 जून, 9:57 PM | 4 जून, 11:55 PM |
| 23जूनमंगलवार | महेश नवमी 2026 | 22 जून, 3:41 PM | 23 जून, 4:40 PM |
| 12जूनशनिवार | महेश नवमी 2027 | 12 जून, 3:45 AM | 13 जून, 2:44 AM |
| 1जूनगुरुवार | महेश नवमी 2028 | 31 मई, 11:59 PM | 1 जून, 9:45 PM |
| 20जूनबुधवार | महेश नवमी 2029 | 20 जून, 2:16 AM | 20 जून, 11:51 PM |
| 10जूनसोमवार | महेश नवमी 2030 | 9 जून, 8:33 PM | 10 जून, 7:00 PM |
| 30मईशुक्रवार | महेश नवमी 2031 | 30 मई, 5:18 AM | 31 मई, 5:43 AM |
| 17जूनगुरुवार | महेश नवमी 2032 | 16 जून, 9:28 PM | 17 जून, 11:00 PM |
सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।
महेश नवमी 12 जून 2027, शनिवार को है। ज्येष्ठ शुक्ल नवमी तिथि 12 जून, 3:45 AM से 13 जून, 2:44 AM तक रहेगी।
महेश नवमी ज्येष्ठ शुक्ल नवमी को आता है।
महेश नवमी भगवान शिव (महेश) और माता पार्वती से जुड़ा है। यह राजस्थान; माहेश्वरी समाज में प्रचलित है।
महेश नवमी 2028 में 1 जून 2028, गुरुवार को है।
आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।
तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।