महेश नवमी 2027

महेश नवमी 12 जून 2027, शनिवार को है। यह ज्येष्ठ शुक्ल नवमी को आता है। तिथि 12 जून, 3:45 AM से 13 जून, 2:44 AM तक रहेगी।

शनिवार12जून 2027

अन्य प्रमुख व्रत245 दिन बाद

महेश नवमी 2027

ज्येष्ठ शुक्ल नवमी

तिथि शुरू
12 जून, 3:45 AM
तिथि समाप्त
13 जून, 2:44 AM
आराध्य
भगवान शिव (महेश) और माता पार्वती

महेश नवमी के बारे में

महेश नवमी ज्येष्ठ के शुक्ल पक्ष की नवमी को आती है। महेश भगवान शिव का नाम है।

माहेश्वरी समाज इस दिन को अपनी उत्पत्ति का दिन मानता है और इसे अपने सबसे बड़े पर्व के रूप में मनाता है।

कब
ज्येष्ठ शुक्ल नवमी
आराध्य
भगवान शिव (महेश) और माता पार्वती
कहाँ
राजस्थान; माहेश्वरी समाज
व्रत का समय
दिन भर
अगली बार
12 जून 2027, शनिवार
पिछली बार
23 जून 2026, मंगलवार

व्रत की विधि और नियम परंपरा और परिवार के अनुसार अलग होते हैं; यहाँ सबसे प्रचलित रूप बताया गया है।

महेश नवमी: साल दर साल

महेश नवमी की तारीख़ें
तारीख़सालतिथि शुरूतिथि समाप्त
4जूनबुधवार
महेश नवमी 2025
3 जून, 9:57 PM4 जून, 11:55 PM
23जूनमंगलवार
महेश नवमी 2026
22 जून, 3:41 PM23 जून, 4:40 PM
12जूनशनिवार
महेश नवमी 2027
12 जून, 3:45 AM13 जून, 2:44 AM
1जूनगुरुवार
महेश नवमी 2028
31 मई, 11:59 PM1 जून, 9:45 PM
20जूनबुधवार
महेश नवमी 2029
20 जून, 2:16 AM20 जून, 11:51 PM
10जूनसोमवार
महेश नवमी 2030
9 जून, 8:33 PM10 जून, 7:00 PM
30मईशुक्रवार
महेश नवमी 2031
30 मई, 5:18 AM31 मई, 5:43 AM
17जूनगुरुवार
महेश नवमी 2032
16 जून, 9:28 PM17 जून, 11:00 PM

सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।

अन्य प्रमुख व्रत

और व्रत

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

महेश नवमी 2027 में कब है?

महेश नवमी 12 जून 2027, शनिवार को है। ज्येष्ठ शुक्ल नवमी तिथि 12 जून, 3:45 AM से 13 जून, 2:44 AM तक रहेगी।

महेश नवमी किस तिथि को आता है?

महेश नवमी ज्येष्ठ शुक्ल नवमी को आता है।

महेश नवमी किसका व्रत है?

महेश नवमी भगवान शिव (महेश) और माता पार्वती से जुड़ा है। यह राजस्थान; माहेश्वरी समाज में प्रचलित है।

महेश नवमी 2028 में कब है?

महेश नवमी 2028 में 1 जून 2028, गुरुवार को है।

रोज़ का पंचांग, साधक ऐप में

आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।

साधक ऐप देखें

तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।