सीता नवमी 2027

सीता नवमी 14 मई 2027, शुक्रवार को है। यह वैशाख शुक्ल नवमी को आता है। तिथि 13 मई, 9:18 PM से 14 मई, 7:39 PM तक रहेगी।

शुक्रवार14मई 2027

राम, कृष्ण और विष्णु के अवतार216 दिन बाद

सीता नवमी 2027

वैशाख शुक्ल नवमी

तिथि शुरू
13 मई, 9:18 PM
तिथि समाप्त
14 मई, 7:39 PM
आराध्य
माता सीता

सीता नवमी के बारे में

सीता नवमी वैशाख के शुक्ल पक्ष की नवमी को आती है, राम नवमी के लगभग एक महीने बाद। मान्यता है कि इसी दिन राजा जनक को खेत जोतते समय माता सीता मिली थीं।

सुहागिन महिलाएँ पति की लंबी उम्र के लिए इस दिन व्रत रखती हैं।

कब
वैशाख शुक्ल नवमी
अन्य नाम
जानकी नवमी, जानकी जयंती
आराध्य
माता सीता
व्रत का समय
दिन भर; पूजा दोपहर में
अगली बार
14 मई 2027, शुक्रवार
पिछली बार
25 अप्रैल 2026, शनिवार

व्रत की विधि और नियम परंपरा और परिवार के अनुसार अलग होते हैं; यहाँ सबसे प्रचलित रूप बताया गया है।

सीता नवमी: साल दर साल

सीता नवमी की तारीख़ें
तारीख़सालतिथि शुरूतिथि समाप्त
5मईसोमवार
सीता नवमी 2025
5 मई, 7:36 AM6 मई, 8:39 AM
25अप्रैलशनिवार
सीता नवमी 2026
24 अप्रैल, 7:22 PM25 अप्रैल, 6:28 PM
14मईशुक्रवार
सीता नवमी 2027
13 मई, 9:18 PM14 मई, 7:39 PM
3मईबुधवार
सीता नवमी 2028
2 मई, 6:55 PM3 मई, 4:41 PM
22मईमंगलवार
सीता नवमी 2029
21 मई, 8:53 PM22 मई, 6:45 PM
11मईशनिवार
सीता नवमी 2030
11 मई, 10:40 AM12 मई, 10:01 AM
1मईगुरुवार
सीता नवमी 2031
30 अप्रैल, 1:46 PM1 मई, 3:11 PM
18मईमंगलवार
सीता नवमी 2032
18 मई, 4:23 AM19 मई, 6:35 AM

सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।

राम, कृष्ण और विष्णु के अवतार

और व्रत

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सीता नवमी 2027 में कब है?

सीता नवमी 14 मई 2027, शुक्रवार को है। वैशाख शुक्ल नवमी तिथि 13 मई, 9:18 PM से 14 मई, 7:39 PM तक रहेगी।

सीता नवमी किस तिथि को आता है?

सीता नवमी वैशाख शुक्ल नवमी को आता है।

सीता नवमी किसका व्रत है?

सीता नवमी माता सीता से जुड़ा है।

सीता नवमी 2028 में कब है?

सीता नवमी 2028 में 3 मई 2028, बुधवार को है।

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तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।