क्षेत्रीय व्रत156 दिन बाद
करडैयान नोम्बु 2027
जिस दिन सूर्य मीन राशि में जाता है (तमिल मासी महीने का अंत)
- सूर्य के मीन में जाने का समय
- 15 मार्च, 7:06 AM
- आराध्य
- देवी कामाक्षी (गौरी); सावित्री
करडैयान नोम्बु 15 मार्च 2027, सोमवार को है। यह जिस दिन सूर्य मीन राशि में जाता है (तमिल मासी महीने का अंत) को आता है।
क्षेत्रीय व्रत156 दिन बाद
जिस दिन सूर्य मीन राशि में जाता है (तमिल मासी महीने का अंत)
करडैयान नोम्बु तमिल महिलाओं का व्रत है, जो ठीक उस समय किया जाता है जब तमिल महीना मासी ख़त्म होता है और पंगुनी शुरू होता है, यानी जब सूर्य मीन राशि में जाता है।
सुहागिन महिलाएँ पति की लंबी उम्र के लिए यह व्रत रखती हैं और गले में पीला धागा बाँधती हैं। यह सावित्री और सत्यवान की कथा से जुड़ा है, जैसे उत्तर भारत का वट सावित्री व्रत।
व्रत की विधि और नियम परंपरा और परिवार के अनुसार अलग होते हैं; यहाँ सबसे प्रचलित रूप बताया गया है।
| तारीख़ | साल | सूर्य के मीन में जाने का समय |
|---|---|---|
| 14मार्चशुक्रवार | करडैयान नोम्बु 2025 | 14 मार्च, 6:53 PM |
| 14मार्चशनिवार | करडैयान नोम्बु 2026 | 15 मार्च, 1:07 AM |
| 15मार्चसोमवार | करडैयान नोम्बु 2027 | 15 मार्च, 7:06 AM |
| 14मार्चमंगलवार | करडैयान नोम्बु 2028 | 14 मार्च, 1:19 PM |
| 14मार्चबुधवार | करडैयान नोम्बु 2029 | 14 मार्च, 7:26 PM |
| 14मार्चगुरुवार | करडैयान नोम्बु 2030 | 15 मार्च, 1:33 AM |
| 15मार्चशनिवार | करडैयान नोम्बु 2031 | 15 मार्च, 7:47 AM |
| 14मार्चरविवार | करडैयान नोम्बु 2032 | 14 मार्च, 1:47 PM |
सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।
करडैयान नोम्बु 15 मार्च 2027, सोमवार को है।
करडैयान नोम्बु जिस दिन सूर्य मीन राशि में जाता है (तमिल मासी महीने का अंत) को आता है।
करडैयान नोम्बु देवी कामाक्षी (गौरी); सावित्री से जुड़ा है। यह तमिलनाडु में प्रचलित है।
करडैयान नोम्बु 2028 में 14 मार्च 2028, मंगलवार को है।
आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।
तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।