नवरात्रि और देवी267 दिन बाद
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2027
आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा
- तिथि शुरू
- 4 जुलाई, 8:31 AM
- तिथि समाप्त
- 5 जुलाई, 4:51 AM
- आराध्य
- माँ दुर्गा और दस महाविद्या
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 4 जुलाई 2027, रविवार को है। यह आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा को आता है। तिथि 4 जुलाई, 8:31 AM से 5 जुलाई, 4:51 AM तक रहेगी।
नवरात्रि और देवी267 दिन बाद
आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होती है, बारिश के मौसम की शुरुआत में। इसी दौरान पुरी की जगन्नाथ रथ यात्रा होती है।
गुप्त नवरात्रि में साधना और दस महाविद्याओं की उपासना की परंपरा है। यहाँ दी गई तारीख़ पहले दिन की है।
व्रत की विधि और नियम परंपरा और परिवार के अनुसार अलग होते हैं; यहाँ सबसे प्रचलित रूप बताया गया है।
| तारीख़ | साल | तिथि शुरू | तिथि समाप्त |
|---|---|---|---|
| 26जूनगुरुवार | आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2025 | 25 जून, 4:02 PM | 26 जून, 1:26 PM |
| 15जुलाईबुधवार | आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026 | 14 जुलाई, 3:14 PM | 15 जुलाई, 11:51 AM |
| 4जुलाईरविवार | आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2027 | 4 जुलाई, 8:31 AM | 5 जुलाई, 4:51 AM |
| 23जूनशुक्रवार | आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2028 | 22 जून, 11:57 PM | 23 जून, 9:52 PM |
| 12जुलाईगुरुवार | आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2029 | 11 जुलाई, 9:21 PM | 12 जुलाई, 8:30 PM |
| 1जुलाईसोमवार | आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2030 | 1 जुलाई, 3:04 AM | 2 जुलाई, 4:46 AM |
| 20जूनशुक्रवार | आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2031 | 20 जून, 3:53 AM | 21 जून, 6:21 AM |
| 8जुलाईगुरुवार | आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2032 | 7 जुलाई, 8:10 PM | 8 जुलाई, 9:54 PM |
सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 4 जुलाई 2027, रविवार को है। आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा तिथि 4 जुलाई, 8:31 AM से 5 जुलाई, 4:51 AM तक रहेगी।
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा को आता है।
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि माँ दुर्गा और दस महाविद्या से जुड़ा है।
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2028 में 23 जून 2028, शुक्रवार को है।
आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।
तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।