मंगल

स्तोत्र

मंगल देव के स्तोत्र

मंगल देव के २ स्तोत्र, स्तुतियाँ और श्लोक, हर श्लोक के अर्थ और शब्दार्थ के साथ।

साहस के कारक मंगल देव, जिन्हें भूमिपुत्र कहा जाता है।

मंगल देव के स्तोत्र

नवग्रह

नवग्रह स्तोत्रम्

नवग्रह, सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु, केतु · स्तोत्र · संस्कृत

जपाकुसुमसंकाशं काश्यपेयं महाद्युतिम्

मंगल देव के लिए और

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मंगल देव के स्तोत्र में कौन-कौन से पाठ हैं?

इस पेज पर ऋणमोचन मंगल स्तोत्रम्, नवग्रह स्तोत्रम् हैं। हर एक का पूरा पाठ और अर्थ उसके अपने पेज पर है।

मंगल देव की पूजा कब की जाती है?

मंगल देव की पूजा श्रद्धा से कभी भी की जा सकती है; परंपरा के अनुसार दिन और अवसर हर पाठ के पेज पर दिए हैं।

क्या ये पाठ जाँचे हुए हैं?

हाँ। हर पाठ प्रकाशित स्रोत से मिलाकर लिखा गया है और पेज के नीचे स्रोत दिया है। कोई गलती दिखे तो पेज के "सुधार सुझाएँ" से हमें बताइए।