
हनुमान जी · गायत्री मंत्र
हनुमान गायत्री मंत्र
ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्॥
Om Anjaneyaya Vidmahe Vayuputraya Dhimahi Tanno Hanumat Prachodayat

हनुमान जी · गायत्री मंत्र
ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्॥
Om Anjaneyaya Vidmahe Vayuputraya Dhimahi Tanno Hanumat Prachodayat
हम अंजना-पुत्र को जानते हैं, पवन-पुत्र का ध्यान करते हैं; वे हनुमान हमें प्रेरणा दें।
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| आञ्जनेयाय | अंजना के पुत्र को |
| वायुपुत्राय | पवन-पुत्र को |
| हनुमत् | हनुमान |
| विद्महे | हम जानते हैं, मानते हैं |
| धीमहि | हम ध्यान करते हैं |
| तन्नो ... प्रचोदयात् | वे हमें प्रेरित करें, सही राह दिखाएँ |
Om Anjaneyaya Vidmahe Vayuputraya Dhimahi Tanno Hanumat Prachodayat
हनुमान जी के रूप का ध्यान; साहस और बल की प्रार्थना।
एक जगह सीधे बैठें, मंत्र का अर्थ मन में रखें और उसे साफ़, एक-सी गति से दोहराएँ। एक बार पूरा मंत्र बोलने में लगभग 18 सेकंड लगते हैं, इसलिए 108 बार लगभग 32 मिनट का अभ्यास है।
पूरी विधि मंत्र जाप कैसे करें में है।
हनुमान जी · मंत्र
ॐ हनुमते नमः
सूर्य देव · गायत्री मंत्र
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्
श्री गणेश · गायत्री मंत्र
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्ती प्रचोदयात्
विष्णु · गायत्री मंत्र
ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्
हम अंजना-पुत्र को जानते हैं, पवन-पुत्र का ध्यान करते हैं; वे हनुमान हमें प्रेरणा दें।
हनुमान गायत्री मंत्र हनुमान जी का गायत्री मंत्र है। हनुमान जी के रूप का ध्यान; साहस और बल की प्रार्थना।
यह भक्तों में प्रचलित मंत्र है; यहाँ इसका कोई ग्रंथ-स्रोत नहीं दिया गया है।
मंगलवार, शनिवार और हनुमान जयंती पर।
एक माला यानी 108 बार सबसे प्रचलित है, जिसमें लगभग 32 मिनट लगते हैं। शुरुआत 21 या 51 बार से कर सकते हैं (लगभग 6 मिनट या लगभग 15 मिनट), और विशेष दिन पर 1008 बार।
टैप से या वॉल्यूम बटन से गिनती, 108 मनकों की माला, रोज़ का लक्ष्य और आपकी साधना की प्रगति।